कांग्रेस की नियुक्तियों पर उठे गंभीर सवाल, भाजपा कार्यकर्ताओं को कांग्रेस ने दिया ब्लॉक कार्यकारणी में स्थान कांग्रेस जिला अध्यक्ष बोले— जांच में गड़बड़ी मिली तो होगी कार्रवाई
कांटाफोड़ – आगामी विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से घोषित कांटाफोड़ ब्लॉक कांग्रेस की नई कार्यकारिणी विवादों में घिरती नजर आ रही है। पहले कार्यकारिणी में शामिल कुछ पदाधिकारियों की भाजपा नेताओं के साथ सार्वजनिक कार्यक्रमों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनीं, वहीं अब कार्यकारिणी में शामिल एक पदाधिकारी के बयान ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है।
जानकारी के अनुसार, कार्यकारिणी में पद दिए गए एक व्यक्ति ने स्वयं को भाजपा का कार्यकर्ता बताते हुए दावा किया कि उसे बिना सहमति और बिना जानकारी के कांग्रेस की कार्यकारिणी में पद दे दिया गया। उसका कहना है, “मैं भाजपा का ही कार्यकर्ता हूं। मुझसे बिना पूछे कांग्रेस की कार्यकारिणी में पद दे दिया गया। मेरा कांग्रेस से कोई संबंध नहीं है।”
इस दावे के सामने आने के बाद कांग्रेस की नियुक्ति प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि यदि किसी व्यक्ति की सहमति और राजनीतिक पृष्ठभूमि का सत्यापन किए बिना उसे संगठन में जिम्मेदारी दी जा रही है, तो पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर प्रश्न उठना स्वाभाविक है।
इससे पहले भी नई कार्यकारिणी में शामिल कुछ पदाधिकारियों की भाजपा नेताओं के साथ सार्वजनिक कार्यक्रमों में मौजूदगी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आई थीं। इन तस्वीरों के वायरल होने के बाद कांग्रेस के भीतर ही नियुक्तियों को लेकर असंतोष और विरोध की आवाजें उठने लगी हैं। वर्षों से पार्टी के लिए सक्रिय कार्यकर्ताओं का कहना है कि ऐसे निर्णय संगठन की विचारधारा और समर्पित कार्यकर्ताओं के सम्मान पर सवाल खड़े करते हैं।
पुराना विवाद भी फिर आया चर्चा में
नई नियुक्तियों के विवाद के बीच कांग्रेस का एक पुराना मामला भी फिर चर्चाओं में है। कुछ समय पहले सतवास नगर के एक कांग्रेसी नेता ने सोशल मीडिया पर तत्कालीन प्रदेश प्रभारी मीनाक्षी नटराजन के संदर्भ में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी से इस्तीफे की मांग संबंधी पोस्ट साझा की थी। उस समय संगठन में इसे लेकर काफी चर्चा हुई थी, लेकिन बाद में उसी नेता को नगर कांग्रेस अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंप दी गई। अब कार्यकर्ता इस घटनाक्रम का हवाला देते हुए संगठन की नियुक्तियों के मापदंडों पर सवाल उठा रहे हैं।
जिला अध्यक्ष ने दिए जांच के संकेत
पूरे मामले पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष मनीष चौधरी ने कहा, “मुझे आपके माध्यम से इस मामले की जानकारी मिली है। मैं ब्लॉक अध्यक्ष से बात करूंगा। यदि जांच में किसी प्रकार की गड़बड़ी सामने आती है तो संगठन नियमानुसार कार्रवाई करेगा।”
जिला अध्यक्ष के इस बयान के बाद अब यह मामला केवल राजनीतिक चर्चा तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि संगठनात्मक जांच की संभावना भी बन गई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी माहौल में संगठनात्मक नियुक्तियों को लेकर उठ रहे ऐसे विवाद कांग्रेस की छवि और कार्यकर्ताओं के मनोबल पर असर डाल सकते हैं। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि कांग्रेस नेतृत्व जांच के बाद क्या कदम उठाता है और विवादित नियुक्तियों पर कोई ठोस निर्णय लिया जाता है या नहीं।


