चिखली में पुलिस की लापरवाही से बढ़ रहा नशा और हुड़दंग
महिलाओं में असुरक्षा* *इसी वजह से चिखली थाना प्रभारी के खिलाफ इग सर से शिकायत की गई*
*चिखली में पुलिस की लापरवाही से बढ़ रहा नशा और हुड़दंग, महिलाओं में असुरक्षा* *इसी वजह से चिखली थाना प्रभारी के खिलाफ IG सर से शिकायत की गई*
*चिखली, राजनांदगांव*
संवाददाता संगीता सिंह राजनांदगांव।
चिखली क्षेत्र में पिछले कई महीनों से रात के समय असामाजिक तत्वों का आतंक बढ़ता जा रहा है। 112 डायल, पटेल एसआई और पेट्रोलिंग टीम की मौजूदगी के बावजूद यहां शराब, गांजा और हुड़दंग खुलेआम हो रहा है। स्थानीय महिलाओं और आम नागरिकों का आरोप है कि पुलिस की अनदेखी और मिलीभगत के चलते क्षेत्र का माहौल दिन-ब-दिन खराब हो रहा है।
112 डायल और S.I पटेल sir के द्वारा शिकायत करने वालों पर ही नाराज होते देखा गया है, उनका कहना रहता था कि यहां तो कोई नहीं है किसको पकड़े, अगर नाम जानते हो तो सुबह थाना आकर बताना ऐसा बोला गया है। और उनके सामने ही गाली गलौज करते लोगो को देखकर भी छोड़ा गया है। और उनसे बातचीत की जाती है जिन लोगों ने गाली गलौज करते है।
स्थानीय लोगों के अनुसार रात में गाड़ी में बैठकर दारू पीना, गांजा पीना, गाली-गलौज करना आम बात हो गई है। पेट्रोलिंग के लिए आने वाले वाहन के लोग इन्हें सिर्फ साइड देकर निकल जाते हैं। शिकायत करने पर उल्टा विभाग के लोग ही आम जनता को खरी-खोटी सुनाते हैं।
“शिकायत देने थाने बुलाया जाता है, लेकिन जब सामने अपराधी प्रवृत्ति के लोग खड़े रहते हैं तो पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती। उनके जाने के बाद वही लड़के हमें धमकाते हैं,” पीड़ितों का कहना है।
आरोप है कि पुलिस चौकी के पास ही अवैध बैठक बना ली गई है। शाम 7 बजे से लेकर देर रात तक लड़कों का जमावड़ा लगता है। ठेले के पीछे बैठकर शराब और गांजा पीना रोज का काम हो गया है। स्टाफ के हर व्यक्ति को पता है, फिर भी प्रभारी अनजान बने हुए हैं।
इसी लापरवाही का नतीजा है कि रमन बाजार, शराब भट्टी, शांति नगर और शंकरपुर में आए दिन चाकूबाजी और मारपीट की घटनाएं हो रही हैं।
स्थानीय महिलाओं और पत्रकारों ने आईजी महोदय से मांग की है कि गश्त पार्टी और चौकी प्रभारी के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए, सिर्फ खानापूर्ति न हो। उनका कहना है कि अगर वरिष्ठ अधिकारी ध्यान नहीं देंगे तो महिलाओं के साथ मिलकर प्रेसवार्ता करना मजबूरी बन जाएगी।
सबसे गंभीर बात ये है कि बार-बार शिकायत देने और बताने के बावजूद थाना प्रभारी द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है और लगातार टाल-मटोल किया जा रहा है। इससे प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
“पहले भी पत्रकारों पर हमले हुए, लेकिन कोई उपचार नहीं हुआ। आज मीडिया को भी खबर बनानी पड़ रही है क्योंकि हम खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं,”
*निवेदन:* जनता की जान-माल, इज्जत और बढ़ते नशे को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों से क्षेत्र में कड़ी कार्रवाई और निगरानी की मांग की गई है।



