*छत्तीसगढ़ की बेटी ज्ञानेश्वरी यादव का राजनांदगांव में भव्य और आत्मीय स्वागत
स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों (कॉमनवेल्थ गेम्स) में कुल 199 किलोग्राम वजन उठाकर देश और प्रदेश का नाम रोशन करने वाली छत्तीसगढ़ की होनहार भारोत्तोलक (वेटलिफ्टर) ज्ञानेश्वरी यादव के स्वदेश लौटने पर राजनांदगांव में उनका ऐतिहासिक और आत्मीय स्वागत किया गया
*संवाददाता संगीता सिंह राजनांदगांव*

*छत्तीसगढ़ की बेटी ज्ञानेश्वरी यादव का राजनांदगांव में भव्य और आत्मीय स्वागत
राजनांदगांव।*
स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों (कॉमनवेल्थ गेम्स) में कुल 199 किलोग्राम वजन उठाकर देश और प्रदेश का नाम रोशन करने वाली छत्तीसगढ़ की होनहार भारोत्तोलक (वेटलिफ्टर) ज्ञानेश्वरी यादव के स्वदेश लौटने पर राजनांदगांव में उनका ऐतिहासिक और आत्मीय स्वागत किया गया। रजत पदक जीतकर भारत और छत्तीसगढ़ की ख्याति बढ़ाने वाली इस ‘माटी की बेटी’ का स्वागत करने पूरा शहर सड़कों पर उमड़ पड़ा।
ज्ञानेश्वरी यादव के शहर आगमन पर नगरवासियों, जनप्रतिनिधियों और खेल प्रेमियों ने उनका ढोल-नगाड़ों और आतिशबाजी के साथ अभिनंदन किया। शहर के विभिन्न प्रमुख चौक-चौराहों पर ज्ञानेश्वरी का फूल बरसाकर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस दौरान “ज्ञानेश्वरी यादव जिंदाबाद” और “छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया” के नारों से पूरा शहर गूंज उठा।
199 किलोग्राम वजन उठाकर रचा इतिहास
ज्ञानेश्वरी ने ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में अपनी प्रतिभा और कड़े परिश्रम का लोहा मनवाते हुए कुल 199 किलोग्राम (स्नैच और क्लीन एंड जर्क मिलाकर) वजन उठाया और देश के लिए रजत पदक अपने नाम किया। उनकी इस उपलब्धि पर परिजनों सहित पूरा राजनांदगांव जिला गर्व महसूस कर रहा है।
साधारण परिवार से निकलकर तय किया अंतरराष्ट्रीय सफर
एक साधारण पृष्ठभूमि से आने वाली ज्ञानेश्वरी यादव ने अपने अटूट संकल्प, निरंतर अभ्यास और कोच के मार्गदर्शन के बल पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर यह मुकाम हासिल किया है।
स्वागत समारोह के दौरान ज्ञानेश्वरी यादव ने नगरवासियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा, “यह पदक सिर्फ मेरा नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और राजनांदगांव के लोगों के प्यार, आशीर्वाद और समर्थन का परिणाम है। मेरा अगला लक्ष्य देश के लिए ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतना है।”
इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ खेल अधिकारियों ने ज्ञानेश्वरी को शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उनकी यह सफलता प्रदेश के अन्य युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

