राजनंदगांव के गौरव पथ जैसे प्रमुख मार्ग पर गंदगी की यह समस्या वाकई चिंताजनक है।
स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों के लिए इस माहौल में रहना और काम करना बेहद मुश्किल हो जाता है।
*संवाददाता संगीता सिंह*
राजनंदगांव के गौरव पथ जैसे प्रमुख मार्ग पर गंदगी की यह समस्या वाकई चिंताजनक है। स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों के लिए इस माहौल में रहना और काम करना बेहद मुश्किल हो जाता है।
गौरव पथ पर ‘गंदगी का अंबार’: निगम की लापरवाही से दुकानदार परेशान, शिकायतें डस्टबिन में!
राजनंदगांव। शहर की पहचान और मुख्य मार्गों में से एक ‘गौरव पथ’ इन दिनों नगर पालिक निगम की कार्यप्रणाली की पोल खोल रहा है। गौरव पथ से ठीक लगे एक प्रमुख स्थान पर पिछले लंबे समय से कचरे और गंदगी का अंबार लगा हुआ है। हालात इस कदर बदतर हो चुके हैं कि यहाँ से उठने वाली सड़ांध और बदबू के कारण आसपास के दुकानदारों का बैठना और राहगीरों का गुजरना दूभर हो गया है।
स्थानीय व्यवसायियों का कहना है कि वे इस समस्या को लेकर कई बार निगम प्रशासन से लिखित और मौखिक शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही।
दुकानदारी ठप, बीमारी का खतरा
कचरे के इस ढेर के कारण पूरे इलाके में मक्खियों और मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा मंडरा रहा है। आसपास के दुकानदारों ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा:
“बदबू इतनी तेज होती है कि ग्राहक दुकान पर रुकना नहीं चाहते। हमारा व्यापार तो चौपट हो ही रहा है, साथ ही दिनभर इस बदबू के बीच रहने से हमारी सेहत भी बिगड़ रही है। निगम टैक्स तो समय पर लेता है, लेकिन सफाई के नाम पर सिर्फ औपचारिकता पूरी की जाती है।”
स्वच्छता दावों की खुली पोल
एक तरफ जहां निगम प्रशासन शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के बड़े-बड़े दावे करता है, वहीं दूसरी तरफ गौरव पथ जैसी वीआईपी सड़क के किनारे लगा यह डंपिंग यार्ड निगम के मैदानी अमले की सुस्ती को साफ उजागर कर रहा है। कचरा समय पर न उठाए जाने के कारण आवारा मवेशी इसे सड़क तक फैला देते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का अंदेशा भी बना रहता है।
स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस स्थान की स्थायी रूप से सफाई नहीं कराई गई और कचरा फेंकना बंद नहीं करवाया गया, तो वे उग्र आंदोलन और निगम कार्यालय के घेराव के लिए बाध्य होंगे।