विद्युत मंडल की लापरवाही पर फूटा अग्निकांड पीड़ित किसानों का गुस्सा
विधायक सचिन बिरला ने किया अग्निकांड प्रभावित खेतों का निरीक्षण

रिपोर्ट सुधीर बैसवार
सनावद / विद्युत मंडल की घोर लापरवाही और निष्क्रियता के कारण सनावद एवं बेड़िया क्षेत्र के खेतों में भीषण आग लगने के कारण लाखों रु की गेहूं की खड़ी फसलें जल कर राख हो गईं। खतरनाक ढंग से झूलते विद्युत तारों एवं क्षतिग्रस्त विद्युत पोल के कारण लाइन फाल्ट की वजह से खेतों में लगी आग से 6 ग्रामों रुपखेड़ा,गवल, कालबरड़,रावेरखेड़ी, भोगावां सिपानी और बड़गांव टाकली की लगभग 40 एकड़ भूमि में गेहूं की पकी फसल जल कर स्वाहा हो गई।
विद्युत मंडल की लापरवाही से अग्निकांड के शिकार किसानों में विद्युत मंडल के अधिकारियों और विद्युत सुपरवाइजरों के खिलाफ गहरा आक्रोश व्याप्त है।
विधायक सचिन बिरला ने सोमवार को एसडीएम सत्यनारायण दर्रो,तहसीलदार केसिया सोलंकी,नायब तहसीलदार प्रवीण सिंह,कृषि विस्तार अधिकारी बीएस सेंगर और विद्युत मंडल के कार्यपालन यंत्री अलिंद देशपांडे के साथ अग्निकांड पीड़ित सभी किसानों के खेतों का व्यापक निरीक्षण किया। इस दौरान किसानों ने विधायक को खेतों में खतरनाक ढंग से झूलते तार और क्षतिग्रस्त विद्युत पोल दिखाए। किसानों ने बताया कि समय पर बिजली बिलों के भुगतान के बावजूद विद्युत मंडल के अधिकारी किसानों की विद्युत समस्याओं के समाधान के प्रति आँखें मूंदे बैठे हैं। यदि विद्युत मंडल समय-समय पर विद्युत तारों और विद्युत पोल के रखरखाव का कार्य करता तो अग्निकांड की घटनाएं घटित नहीं होतीं और किसानों की मेहनत से लगी फसलें नष्ट नहीं होतीं। किसानों ने बताया कि खेतों में खतरनाक ढंग से झूलते विद्युत तार हवा में टकराते हैं और फिर फाल्ट होने के कारण निकली चिंगारियों से खेतों में आग लग जाती है।किसानों ने विद्युत मंडल को अनेक बार झूलते तारों के खतरों से अवगत कराया।लेकिन विद्युत मंडल के जिम्मेदार अधिकारी निष्क्रिय बने रहे। अग्निकांड पीड़ित किसानों ने विधायक से शासन की ओर से पर्याप्त मुआवजा दिलाने की मांग की और बड़ूद तथा कानापुर विद्युत ग्रिडों के सुपरवाइजर कुंदन भंवर और रवि शुक्ला पर लापरवाही,अवैध वसूली और दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए दोनों को तत्काल प्रभाव से हटाने की मांग की। विधायक ने अग्निकांड से पीड़ित प्रत्येक किसान से विस्तारपूर्वक चर्चा की और किसानों को हुए नुकसान पर गहरा दुःख व्यक्त किया और किसानों को सांत्वना दी। विधायक ने कहा कि प्रदेश सरकार पीड़ित किसानों के साथ है और किसानों को अधिक से अधिक मुआवजा दिलाने के प्रति आश्वस्त किया।विधायक ने पीड़ित किसानों की मुआवजा और विद्युत सुधार संबंधी मांगों से सहमति व्यक्त करते हुए एसडीएम,तहसीलदार और पटवारी को अग्निकांड पीड़ित किसानों को हुई हानि का मुआवजा प्रकरण शीघ्र बनाने और पर्याप्त मुआवजा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस संबंध में विधायक ने जिला कलेक्टर से भी दूरभाष पर चर्चा की और पीड़ित किसानों को अधिक से अधिक मुआवजा दिलाने की मांग की। विधायक ने विद्युत मंडल के अधिकारियों को निर्देश दिए कि संपूर्ण बड़वाह विधानसभा क्षेत्र के विद्युत ग्रिडों के यंत्रियों, सुपरवाइजर और कर्मचारियों की मीटिंग बुलाई जाए और क्षेत्र के क्षतिग्रस्त विद्युत पोल और खतरनाक ढंग से झूलते विद्युत तारों के स्थानों को चिन्हांकित किया जाए और प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत कार्य का अभियान चलाया जाए।विधायक ने कहा कि विशेषकर गेहूं के खेतों से गुजर रही विद्युत लाइनों और विद्युत पोल की मरम्मत का कार्य पहली प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाए। ताकि भविष्य में खेतों में आग लगने की घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं हो। विधायक ने विद्युत मंडल के कार्यपालन यंत्री से सुपरवाइजर कुंदन भंवर और रवि शुक्ला पर उचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए। विधायक ने कहा कि विद्युत मंडल के लापरवाहीपूर्ण रवैये से प्रदेश के ऊर्जा मंत्री और विद्युत मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि विगत दो दिनों में खेतों में लगी आग के कारण ग्राम रुपखेड़ा के 4 किसानों की 5 एकड़ में लगी गेहूं की फसल,ग्राम कालबरड़ के 2 किसानों की 10 एकड़ में लगी गेहूं और चने की फसल,ग्राम भोगांवा सिपानी में 3 किसानों की 15 एकड़ में लगी गेहूं की फसल और 11 एकड़ में बिछाई गई सिंचाई पाइप लाइन,ग्राम रावेरखेड़ी में 2 किसानों की 7 एकड़ में लगी गेहूं की फसल एवं 2 किसानों की पाइप लाइन,ग्राम बड़गांव टाकली में 3 एकड़ में लगी गेहूं की फसल और ग्राम गवल में डेढ़ एकड़ में लगी अग्निकांड की भेंट चढ़ गई।
इस दौरान भाजपा नेता राम मुकाती,पीड़ित कृषक महेश तारे,लोकेश पटेल,मोहनलाल दुबल्या,नंदराम दुबल्या,गुलाबचंद दुबल्या,जगन्नाथ भायड़िया,तिलोकचंद पटेल,जितेंद्र वर्मा,प्रेमसिंह सोलंकी,नारायण प्रजापत,आशाराम प्रजापत,राजकुमार प्रजापत,धनसिंह चौहान,भीम सिंह,रीतेश चौहान सहित बड़ी संख्या में कृषक उपस्थित थे।



