*एक पेड़ मां के नाम वृक्षारोपण अभियान में शामिल हुए विधानसभा अध्यक्ष
पहली ही बारिश में रेलवे ओवरब्रिज की सड़क धसने पर जताई नाराजगी*

*संवाददाता संगीता सिंह राजनांदगांव*
*एक पेड़ मां के नाम वृक्षारोपण अभियान में शामिल हुए विधानसभा अध्यक्ष, पहली ही बारिश में रेलवे ओवरब्रिज की सड़क धसने पर जताई नाराजगी*

अपने दो दिवसीय प्रवास पर राजनांदगांव पहुंचे विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह यहां विभिन्न आयोजनों में शामिल होंगे। इस दौरान वहां वृक्षारोपण सहित विधानसभा क्षेत्र में कई विकास कार्यों की सौगात देंगे । वहीं शनिवार को जिला प्रशासन द्वारा आयोजित वृक्षारोपण अभियान में शामिल होते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने एक पेड़ अपनी मां के नाम लगाया।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम बाटगांव में एक पेड़ मां के नाम अभियान के अंतर्गत आयोजित वनमहोत्सव, वृक्षारोपण एवं नि:शुल्क पौधा वितरण कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने अपनी माता स्वर्गीय श्रीमती सुधादेवी सिंह के नाम फलदार पौधे का रोपण किया। इस अवसर पर उन्होंने ग्राम बाटगांव में लगाए गए 4 हजार पौधों के संरक्षण के लिए सोलर पंप सहित बोरवेल की स्थापना तथा वृक्षारोपण स्थल को बच्चों के लिए बाल उद्यान के रूप में विकसित करने हेतु 10 लाख रूपए की सामग्री उपलब्ध कराने की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि जिन ग्राम पंचायतों में 30 से 50 एकड़ क्षेत्र में व्यापक वृक्षारोपण किया जाएगा, वहां भी बाल उद्यान विकसित करने के लिए आवश्यक राशि उपलब्ध कराई जाएगी। डा. रमन सिंह ने बताया कि एक पेड़ मां के नाम अभियान की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2024 से की है, इसके तहत देशभर में 150 करोड़ पेड़ लगाने का लक्ष्य है । वहीं उन्होंने कहा कि जिले में 3 हजार वृक्ष लगाने का अभियान शुरू हुआ है । आने वाले 4 महीनों तक विभिन्न पंचायत, आंगनबाड़ी, स्कूल और सार्वजनिक स्थल में वृक्षारोपण अभियान चलेगा।
विधानसभा निवास कार्यालय पहुंचे डॉ रमन सिंह ने यहां अलीवारा, बरगा और मुसरा क्षेत्र में नव निर्मित रेलवे ओवर ब्रिज की सड़क पहली ही बारिश में धंसने के मामले को लेकर नाराजगी जाहिर की है। उन्होने इसमें जांच कार्रवाई होने की बात कही है। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि रेलवे की प्रतिष्ठा और सम्मान गुणवत्तापूर्ण कार्य करने के लिए है । रेलवे द्वारा किए गए कंक्रीट के कार्य 50 – 50 साल तक हिलते नहीं है, लेकिन पहली बार देखने मिला है कि उन्होंने ऐसे ठेकेदार को कम दिया जिसने गुणवत्ताहीन कार्य किया और पुल बनाने के बाद ही 50- 50 मीटर तक क्रेक हो गया। डॉ रमन सिंह ने कहा कि अब इस पुल का भविष्य क्या होगा यह एक्सपर्ट बताएंगे।