राजनांदगांव कृषि उपज मंडी को मिली बड़ी सौगात
₹20.16 करोड़ के विकास कार्यों का हुआ लोकार्पण

* संगीता सिंह राजनांदगांव*संवाददाता
*राजनांदगांव कृषि उपज मंडी को मिली बड़ी सौगात:* ₹20.16 करोड़ के विकास कार्यों का हुआ लोकार्पण
राजनांदगांव। खनिज समृद्ध राजनांदगांव जिले के ग्रामीण और कृषि क्षेत्र के विकास को एक नई रफ्तार मिली है। कृषि उपज मंडी परिसर राजनांदगांव में आयोजित एक भव्य गरिमामय समारोह में ₹20 करोड़ 1 लाख 67 हजार की लागत वाले विभिन्न लोक-कल्याणकारी और अधोसंरचना विकास कार्यों का लोकार्पण किया गया।
इस विशेष कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और प्रदेश के कृषि मंत्री डॉ. राम विचार नेताम शामिल हुए।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सीधे जुड़े सरपंच, जाना जमीनी हाल
कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता इसका अनूठा और सीधा संवाद रहा। मुख्य अतिथि डॉ. रमन सिंह ने आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से क्षेत्र के विभिन्न गांवों के सरपंचों से सीधा संवाद साधा। इस दौरान उन्होंने लोकार्पित किए गए कार्यों की धरातलीय प्रगति की विस्तृत जानकारी ली और ग्रामीणों से उनके अनुभव साझा किए।
मंडी और कृषि अधोसंरचना से जुड़े इन कार्यों को लेकर सरपंचों ने राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया और बताया कि इससे न केवल किसानों को अपनी उपज बेचने में आसानी होगी, बल्कि ग्रामीण कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी।
“मंडी के विकास से मजबूत होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था” — डॉ. रमन सिंह
सरपंचों और किसानों को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डॉ. रमन सिंह ने कहा:
“राजनांदगांव हमारे लिए केवल एक जिला नहीं, बल्कि विकास की प्राथमिकताओं का केंद्र है। खनिज संपदा से समृद्ध इस जिले के किसानों और ग्रामीणों का जीवन स्तर सुधारना हमारी सरकार का मुख्य संकल्प है। कृषि मंडियों का आधुनिकरण होने से हमारे अन्नदाताओं को उनकी मेहनत का सही मूल्य मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई ताकत मिलेगी।”
कृषि मंत्री डॉ. राम विचार नेताम ने भी इस अवसर पर कृषि क्षेत्र में किए जा रहे सुधारों को रेखांकित किया और कहा कि कृषि मंडियों को सर्वसुविधायुक्त बनाना छत्तीसगढ़ सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में से एक है।
समाचार की मुख्य बातें (Key Highlights)
कुल बजट: ₹20,01,67,000 (20 करोड़ 1 लाख 67 हजार रुपये) के विकास कार्यों की सौगात।
फोकस एरिया: कृषि मंडी का सुदृढ़ीकरण, ग्रामीण सड़क, और अधोसंरचना विकास।
संवाद की नई पहल: वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से डॉ. रमन सिंह ने सीधे गांवों के जनप्रणालियों (सरपंचों) से काम की गुणवत्ता और फीडबैक पर बात की।
यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि राज्य सरकार राजनांदगांव के खनिज राजस्व का एक बड़ा हिस्सा सीधे तौर पर ग्रामीण और कृषि क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में निवेश कर रही है। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, मंडी बोर्ड के अधिकारी और बड़ी संख्या में प्रगतिशील किसान उपस्थित थे।
