क्राइम रिपोर्टर_संगीता सिंह राजनांदगांव*
*राजनांदगांव*
*मोहरा केंद्र में धान का बड़ा गबन उजागर, प्रभारी व ऑपरेटर सहित 3 पर एफआईआर*
*राजनांदगांव।* जिले के सेवा सहकारी समिति मोहरा में प्रशासन ने धान के अवैध परिवहन और भंडारण के एक बड़े गबन का खुलासा किया है। जांच में 995.68 क्विंटल धान की अफरा-तफरी पाई गई है, जिसकी बाजार कीमत 30 लाख 86 हजार 608 रुपये आंकी गई है। मामले में प्रभारी और ऑपरेटर सहित 3 लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है।
*क्या है पूरा मामला?*
13 मई को जिला पंचायत सीईओ और खाद्य अधिकारी के निर्देश पर सहायक खाद्य अधिकारी शेष लांडे, डोंगरगढ़ तहसीलदार चेतन साहू ने खरीदी केंद्र मोहरा में जांच की। जांच में सामने आया कि समिति से लगभग 210 बोरी धान वाहन में लोड कर बाहर भेजा जा रहा था। वाहन क्रमांक CG-08-एएन-1049 को धान परिवहन करते हुए पकड़ा गया।
जांच में पाया गया कि ऑनलाइन उठाव पूर्ण होने के बावजूद फर्जी शॉर्टेज दर्शाकर धान का गबन किया जा रहा था। केंद्र में 995.68 क्विंटल धान की रिकॉर्ड में हेराफेरी कर शॉर्टेज दिखाई गई।
*इन पर दर्ज हुई एफआईआर*
जिला पंचायत सदस्य एवं जिला कांग्रेस कमेटी राजनांदगांव (ग्रामीण) के महामंत्री महेंद्र यादव ने बताया कि मोहरा सेवा सहकारी समिति में धान चोरी का यह मामला गंभीर है। जांच प्रतिवेदन के आधार पर प्रशासन ने प्रभारी धान खरीदी केंद्र संतोष वर्मा, ऑपरेटर अमिताभ साहू (कंप्यूटर ऑपरेटर), तथा वाहन चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
*2357 क्विंटल की अनुमानित कमी*
जांच में 2357 क्विंटल की अनुमानित कमी भी अब जांच के घेरे में आ सकती है। प्रशासन का मानना है कि धान में शॉर्टेज के नाम पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया गया है। मौके पर धान परिवहन कर रहे वाहन को जब्त कर लिया गया है।
*सुशासन की खुली पोल*
मौसम से बचाने का मामला उजागर हुआ है। ग्रामीणों की तत्कालीन शिकायतों की गाड़ी पकड़ी गई और सरकारी धान की खुली लूट का पर्दाफाश हुआ। बताया गया कि शाम को सूचना मिलने पर खाद्य विभाग के अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे और कार्रवाई की।
प्रशासन ने कहा है कि धान खरीदी में गड़बड़ी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। जिले के अन्य केंद्रों पर भी जांच तेज कर दी गई है।
